नागार्जुन जी.
ज्ञान की प्रकृति (ज्ञान-मीमांसा, ज्ञान संगठन, शिक्षा तथा संज्ञान के जीववैज्ञानिक मूलाधारों ) को समझने में अभिरुचि। यह रुचि सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान के इतिहास तथा दर्शन, एवं जीवविज्ञान शिक्षा में कार्यरूप में परिलक्षित। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के सामाजिक, आर्थिक तथा राजनैतिक पहलुओं की ओर भी चिंतन मनन।


